दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-5

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पिछला भाग पढ़े:- दोस्त के बॉयफ्रेंड से चुदी-4

जैसा कि आप सभी ने पिछली कहानी में पढ़ा कि मुझे ध्रुव अपने दोस्त अल्तमाश से मिलवाने वाला था। मैं और मेरी दोस्त ऑफिस खत्म होते ही निकले। हर बार की तरह ध्रुव हमें पिक करने आ चुका था। पर इस बार उसके साथ उसका दोस्त अल्तमाश भी था। हमें आते देख अल्तमाश पीछे सीट पर बैठ गया, तांकि मेरी दोस्त आगे ध्रुव के साथ बैठ सके। हमने “हाय”, “नमस्ते” किया।

मैं अल्तमाश को देख के उत्सुक भी थी और घबराई भी थी, क्योंकि कुछ दिनों पहले ही उसने मेरी खुली गांड और चूत की चुदाई की फोटो और वीडियो देखे थे। मैं अल्तमाश के साथ बैठ गई। उसकी नज़रें मुझे ऊपर से नीचे तक नाप ताड़ रही थी। वह बातें भी मुझे देख के कर रहा था, और मैं सामने देख रही थी। हमने इधर-उधर की बातें की।

फिर अल्तमाश ने मुझसे पूछा: बॉयफ्रेंड नहीं है?

मैं कुछ बोलती उससे पहले ही मेरी दोस्त ने बोला: बॉयफ्रेंड है, पर रहने से फ़र्क नहीं पड़ता। वह मिलने नहीं आता। वह खुद वहां मज़े करता है। बस इनकी बातें होती हैं हर दिन।

मैं बता दूं कि मेरी फ्रेंड को अल्तमाश एक अच्छा व्यक्ति नहीं लगता था। थोड़ा खड़ूस और गंभीर लगता था, तो वह उसे पसंद नहीं करती थी। फिर अल्तमाश ने हम सभी को अपनी बहन की शादी का निमंत्रण कर दिया। और सब को आने को बोला। शादी आज से ठीक 9 दिन बाद शुक्रवार को थी। कार्ड में वेन्यू हमारे शहर से 60 किलोमीटर दूर था।

देखते ही मेरी फ्रेंड ने मना कर दिया: मैं नहीं आ पाऊंगी, मेरे लिए यह मुमकिन ही नहीं है, पैरेंट्स मानेंगे ही नहीं।

अल्तमाश और ध्रुव ने एक साथ बोला: कोई बात नहीं, हम तुम्हें फोर्स भी नहीं करेंगे। यह तुम्हारा डिसीजन है।

दोनों को एक साथ एक चीज़ बोलते सुन मुझे शक हो गया कि दोनों ने कुछ प्लान कर रखा था।

फिर अल्तमाश ने मुझसे पूछा: तुम आओगी ना?

मैंने वहां पर जवाब नहीं दिया, पर मैं जाने के लिए रेडी थी। मैं अपनी पहली थ्रीसम चुदाई के लिए अंदर से काफी उत्सुक थी।

मैंने बोला: मैं एक बार घर पे बात करके बताऊंगी।

ध्रुव ने हर बार की तरह मेरी फ्रेंड को ड्रॉप किया। अब कार में सिर्फ हम तीनों ही बचे थे। मैं घबरा रही थी।

तभी ध्रुव ने बोला: अगर अब टाइम हो तो चले?

मैं समझ गई कि वह क्या बोल रहा था।

मैंने बोला: आज नहीं, घर पर भी कुछ काम है, तो मुझे ड्रॉप कर दो।

मुझे मेरे कॉलोनी के आगे ड्रॉप करते हुए ध्रुव ने बोला: हम दोनों ही जाने वाले हैं, तो अच्छे से प्लान कर लेना।

मैं घर आई, फ्रेश हुई, घर के काम किए और हर दिन की तरह

अपने बॉयफ्रेंड से बात करने लगी। मैंने उसको बताया कि हम

सभी शादी में जा रहे थे। उसको लगा कि मेरी दोस्त भी थी, पर

मैंने उसको कुछ नहीं बताया।

मैं सोचने लगी कि क्या पहनूं। फिर मैंने फैसला किया कि मैं

लहंगा पहनूंगी।

अगले दिन ऑफिस से मैं सीधे बूटीक गई। वहां मैंने लहंगा चुना जो कि लाल रंग का था। लहंगे के साथ डीप कट बैकलेस ब्लाउज मुझे अपने हिसाब से बनवाना पड़ा।

टेलर ने मेरी बूब्स के नाप लिए। 34DD से बढ़ के मेरे बूब्स

34 GG हो चुके थे। मेरी गांड भी एक-दम गोल और उभर के

बाहर आ गई थी। अब ध्रुव मेरी गांड ही मारता था, और मुझे भी पसंद था।

आखिरकार वह दिन आ गया। मैंने आज की छुट्टी लेली थी ऑफिस से। ध्रुव ने सुबह 7 बजे ही मुझे पिक कर लिया। हम दोनों वेन्यू के लिए निकल पड़े। 2 घंटे की ड्राइव के बाद हम वेन्यू पर पहुंच गए। काफी आलीशान सा रिसॉर्ट था, जिसमें 3 बिल्डिंग्स स्टे के लिए थी। ध्रुव ने अल्तमाश को कॉल किया। वह हमें रिसीव करने आया। ध्रुव ने कार पार्क किया, तब मैंने देखा अल्तमाश हमारी तरफ आ रहा था।

उसने मुझे एक टाइट हग दिया। फिर ध्रुव को हग करते हुए उससे बातें करने लगा। उसने हमें हमारा रूम दिखाया, जो कि तीनों बिल्डिंग में सबसे आखिरी में था। हमारा रूम 5वीं मंजिल पर सबसे कोने में था। शादी में लोग बहुत कम थे, सिर्फ गिने-चुने 50-60 लोग ही होंगे। रूम में आते ही मुझे लगा ध्रुव शुरू हो जाएगा, पर ऐसा

नहीं हुआ। मैंने उसे इशारे भी किए।

फिर ध्रुव ने बोला: अभी नहीं, रात के लिए रख रहा हूं।

करीब 6 दिन से हमने चुदाई नहीं की थी। मैं काफी हॉर्नी महसूस कर रही थी। थोड़ी देर आराम करके हम रेडी होने लगे। मैंने अपनी ट्रॉली से लहंगा, चूड़ियां, झुमके, पायल और लहंगे से मिलता गले का हार निकाल लिया। मैं नहा कर आई, तब तक ध्रुव रेडी होकर जा चुका था। उसने मुझे बोला था तैयार होकर कॉल करना।

करीब 30 मिनट में मैं तैयार हो गई। मेरे ब्लाउज से मेरे बड़े बूब्स की क्लीवेज साफ दिख रही थी, जो कि नेट वाले दुपट्टे से छुपाए छुप नहीं रही थी। उसी क्लीवेज के ऊपर मैं एक हार पहनी, कानों में बड़े झुमके, मेरे हाथ चूड़ियों से भरे हुए थे। पैरों में खनकते कंगन।

मैंने ध्रुव को कॉल किया। वह मुझे लेने उपर आ गया। मुझे देखते ही उसके होश उड़ गए। वह मेरी तारीफों के पुल बांधने लगा। मैं खूबसूरत के साथ बहुत हॉट भी लग रही थी। हम शादी की जगह पहुंचे। शादी शाम 4 बजे शुरू हुई। सभी ने खाना-पीना शुरू किया। लोग जाने भी लगे। शादी कब खत्म

हुई मुझे ध्यान नहीं रहा। वहां लोग मुझे ही घूर रहे थे। रात के 11 बज चुके थे। लगभग सभी लोग लौट चुके थे। मैं और ध्रुव खड़े थे। हमने देखा अल्तमाश अपने परिवार से बातें कर रहा था। कुछ ही देर में उसका परिवार भी कार में बैठ के चला गया। अब वहां सिर्फ मैं, ध्रुव, अल्तमाश और गिने-चुने 5-6 लोग थे।

अल्तमाश ने हमें अपने कमरे में जाने को बोला और कहा: इंतजार करो, अब असली पार्टी शुरू होगी।

हम दो अपने कमरे में आ गए। वहां आस-पास कोई और नहीं

था। मैं थोड़ी थक गई थी, और आके बेड पे बैठ गई। मैंने देखा ध्रुव ने एक कैमरा निकाल के टीवी टेबल के पास सेट कर दिया, जो कि पूरे कमरे को रिकॉर्ड कर रहा था। मैं अंदर ही अंदर घबरा रही थी, और काफी उत्सुक हो रही थी। मुझे पता था आज मेरी चूत और गांड की दो बड़े लंडों से जोरदार चुदाई होगी।

मैं अपना दुपट्टा साइड में रख कर ध्रुव के कंधे पर सिर रख कर सोफे पर बैठ गई। ध्रुव मेरी बैकलेस पे हाथ फेर रहा था, और मेरे हाथ उसकी पैंट के ऊपर थे। थोड़ी देर में अल्तमाश ने दरवाजे पर खटखटाया। ध्रुव ने मुझे बोला गेट खोलने के लिए। मैं गेट की तरफ बढ़ी। मेरी सांसें तेज हो गई थी। गेट

खोलते ही अल्तमाश मेरे सामने था। अंदर आते ही उसने मेरी गर्दन पे किस कर दी। देखते-देखते हम दोनों एक-दूसरे को फ्रेंच किस करने लगे। एक-दूसरे को खाने लगे। पीछे से ध्रुव ने आकर मेरे गले पे किस कर लिया। अब मैं ध्रुव को किस करने लगी। अल्तमाश ने मेरे ब्लाउज़ को खोल दिया और उन्हें दूर‌ फेंक दिया।

मैं मुड़-मुड़ कर दोनों को किस करती रही। ध्रुव ने मेरे बाईं छाती को दबोच रखा था और अल्तमाश ने दाईं छाती को। दोनों जोर-जोर से दबाते एक-एक कर चूसते खींचते। दोनों ने अपनी शर्ट निकाल दी। मैं भी उनके सीने को चूमने

चूसने लगी। अल्तमाश मेरे बूब्स को देख के पागलों की तरह

चूस रहा था। कमरे में एक सोफा था जो थोड़ा सा स्प्रेड हो सकता था।

अल्तमाश सोफा को बीच में लाया और दोनों सोफा पर बैठ गए। दोनों कैमरे के तरफ थे। अगले ही पल दोनों ने अपना पैंट भी निकाल फेंका। दोनों अपने लंड को हाथ में लेके हिलाने लगे। मैं नीचे बैठ गई। पहले मैंने अल्तमाश के लंड को देखा, जो कि ज़्यादा टाइट था। उसके लंड पर ऊपर की चमड़ी नहीं थी, जो कि उसपे और भी चार चांद लगा रहा था। उसके थोड़े टेढ़े मोटे और बड़े लंड को देख के मेरी चड्डी पानी से भीग चुकी थी।

मैंने अल्तमाश के लंड को चाटना शुरू किया। चाटते-चाटते उसके सुपारे को मुंह में लेकर अंदर-बाहर करने लगी। वह “आह” और “ओह” छोटी सिसकियां लेता रहा। मुझे एक नया लंड चूसने में काफी मज़े आ रहे थे। अब मैंने उसका आधा लंड मुंह में ले लिया।

अल्तमाश ने मेरे बालों को पूरे हाथों में भर लिया, और जोर-जोर से लंड घुसेड़ने लगा। मेरी चूड़ियों की खांखां आवाज़ भी गूंज रही थी। फिर अल्तमाश एक-दम से रुक गया। अब मैं ध्रुव के लंड को मज़े से चूसने लगी। तभी अल्तमाश कैमरा लेकर आया। उसने थोड़ी देर के लिए कैमरे में मुझे लंड चूसते हुए शूट किया। फिर उसने कैमरा को ज़मीन पर नीचे रखा, और मुझे खड़े करके मेरा लहंगा उतारने लगा।

लहंगा उतार कर उसने फेंक दिया, और मेरी गांड में 3-4 चमाट मारे और दबाये। उसने मेरी चड्डी भी निकाल दी। अल्तमाश अब ज़मीन पर लेट गया, ठीक सोफे के नीचे और मुझे अपने ऊपर बैठने को बोला। मैं बैठने लगी, ध्रुव अभी भी

सोफे पर बैठा था। मैं ध्रुव के लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। अचानक से अल्तमाश की लंबी नुकीली जीभ मेरी चूत के अंदर खलबली मचाने लगी। उसने जीभ को अंदर-बाहर करके चूसने शुरू कर दिया।

मैं उठने लगी तो उसने मेरी दोनों जांघों को जोर से पकड़ लिया। मैं चीखने लगी। इधर ध्रुव ने भी अपना लंड मेरे मुंह में घुसा दिया और मेरे बालों को पकड़ के मेरे मुंह को चोदने लगा। मेरी पूरा शरीर थरथराने लगा। मैं झटपटा रही थी। देखते-देखते मैंने ढेर सारा पानी अल्तमाश के मुंह पर छोड़ दिया। अल्तमाश ने मेरी चूत के पानी को पी लिया। तुरंत वो उठ कर मेरी चूत में अपनी उंगली पेलने लगा। कुछ मिनटों में ध्रुव ने मेरे मुंह में ही अपना माल निकाल दिया।

मैं वैसे ही ज़मीन पे बैठी रही। मैंने अपने बिगड़े बाल ठीक किए। मैंने देखा अल्तमाश और ध्रुव कैमरा रिकॉर्डेड वीडियो चेक करके मुस्कुरा रहे थे। दोनों मेरे पास आए और मुझे भी दिखाने लगे। फिर उन्होंने मुझे सोफे पे बैठने को बोला, और मेरी फोटोज़ क्लिक करने लगे।

ध्रुव ने बोला: आज तुम किसी दुल्हन की तरह लग रही हो जिसकी सुहागरात हो। हाथों में चूड़ियां, गले में हार, पैरों के पायल, कानों में झुमके और कमर पर गहने का कमरबंद।

यह सुन के मैं और भी जोश में आ गई। फिर वो कैमरा ऑटो पर सेलेक्ट करके मेरे पास आके मेरे साथ फोटोज़ क्लिक करने लगे। कभी दोनों एक साथ मेरे बूब्स चूसते, कभी मेरी चूत दिखाते और मुझे किस करते। फिर उन्होंने मुझे मेरी फोटोज़ दिखाई। मैं किसी चुदी हुई दुल्हन की तरह दिख रही थी।

आगे की कहानी अगले भाग में।

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