दीदी अपनी चूत में मेरा वीर्य भरना चाहती थी 3

Bhai Behan Ki Chudai

Younger Sister Fuck

नमस्कार दोस्तों मैं आप सभी का फिर से स्वागत करता हूँ, दोस्तों आपने मेरे कहानी के पिछले भाग दीदी अपनी चूत में मेरा वीर्य भरना चाहती थी 2 में आप लोगो ने पढ़ा की अम्मी और छोटी बहन सानिया मेरे खाला के घर चली गई उसके बाद फातीमा दीदी जान की चूत चोदा. Younger Sister Fuck

अब फातीमा दीदी खाना बनाने चली गयी मैं भी बाथरूम गया और नहाया तब तक फातीमा दीदी जान खाना बना दी और आवाज लगाई मैं तुरंत भागे भागे कीचन में गया और दीदी जान को पीछे से पकड़ा मैं पूरा नंगा ही था फातीमा दीदी थोड़ी झुकी हुई थी जैसे ही मेरा लंड फातीमा दीदी की गाँड में सटाया.

दीदी जान तुरंत मेरे ओर घूमी और मुझे पूरा नंगा देखते ही अपनी घुठने टेक कर बैठ गई और मेरे लंड को अपनी मुँह में लेके चुसने लगी करीब करीब 10 मिनट चुसी अब मेरा वीर्य निकलने वाला ही था तभी फातीमा दीदी जान मेरे लंड को अपनी मुँह से बहार निकाल दी और मुस्कुराती हुई बोली भाई जान इसे बर्बाद मत करो चलो पहले खाना खा ले उसके बाद जो करना है करेंगे.

मैं भी कुछ नहीं बोला और खाना खाने चले गए और हम दोनों भाई बहन खाना खा लिए उसके बाद फातीमा दीदी जान सभी बर्तन साफ़ की और पुरी नंगी बिस्तर पर आई मैं पहले से ही लेटा था मैं भी नंगा ही था फातीमा दीदी मेरे ऊपर चढ़ी और अपनी कमर ऊपर उठा के मेरा लंड को अपनी चूत में सेट की और बैठ गई.

मेरा लंड फातीमा दीदी की बचेदानी तक घुस गया फातीमा दीदी उअम्म्मी कड़ी और अपनी कमर हिलाने लगी करीब करीब 10 मिनट बाद फातीमा दीदी जोर जोर से कमर हिलाने लगी और झर गईं दीदी जान झड़ने के साथ मेरे ऊपर लेट गईं बिलकुल सांत लेटी रही.

लेकिन मेरा लंड अभी भी दीदी जान की चूत में था फातीमा दीदी लम्बी लम्बी साँस ले रही थी थोड़ी देर बाद फातीमा दीदी को मैं करवट बदलते हुए नीचे किया और मैं उनके ऊपर लंड अभी भी दीदी जान की चूत में था धीरे धीरे मैं फातीमा दीदी को चोद्ने लगा.

तभी फातीमा दीदी अपनी कमर ऊपर उठाने लगी करीब करीब 10 मिनट चुदाई के बाद फातीमा दीदी फिर चीलाने लगी और झर गईं मैं अभी भी दीदी जान की चूत चोदता रहा लेकिन अब फातीमा दीदी की चूत झर गईं जिसके चलते मेरा लंड फातीमा दीदी की गर्मी बर्दास्त नही कर पाया.

और मैं भी दीदी जान की चूत में सारा वीर्य निकाल दिया और लंड को फातीमा दीदी की बचेदानी तक घुसा के रखा इस तरह फातीमा दीदी रोज मेरे वीर्य को अपनी चूत में भरवाने लगी एक सप्ताह तक फातीमा दीदी खूब चुदवाई और सारा वीर्य अपनी चूत में डलवाई.

उसके बाद अम्मी जान और सानिया खाला के घर से रिटर्न आ गई अब फातीमा दीदी दीन में चुदवा नही सकती थी और ना ही नंगी रह सकती थी लेकिन रात में एक बार रोज़ चुदवाती थी और अपनी चूत में मेरा वीर्य डलवाती थी करीब एक महीने बाद फातीमा दीदी बोली भाई जान अब ज्यादा दीन में नही चुदवा सकूँगी.

मैं हैरान होते हुए क्यू दीदी जान क्या हुआ तभी फातीमा दीदी अपनी पेट पर हाथ रखके बोली भाई जान आप अब्बु बनने वाले है मैं बहुत खुश हुआ और उस रात मैं फातीमा दीदी की चूत चाट चाट के दो बार झाड़ा और दो बार चोद्दा अब छोटी बहन सानिया और अम्मी के कारण हम दोनों रात में छीप छीप के चुदाई करते.

दो महीने बाद एक दिन छोटी बहन सानिया अपनी कोचिंग क्लास के लिए गई हुई थी. वो अपनी कोचिंग से शाम को 6 बजे से पहले आने वाली नहीं थी.और अम्मी मार्केट गई थी अम्मी जान को आने में करीब साम 8 बजने वाला था दीदी जान ने मुझे फोन करके ये सब बताया और कहा- आज बहुत दिन बाद मौक़ा मिल रहा है, तू जल्दी से घर आ जा!

मैं दुकान से जल्दी घर आ गया. घर आते ही मैंने दरवाजा खोला और दीदी जान को आवाज देने लगा. मेरी फातीमा दीदी तो चुदने के लिए पहले से ही तैयार थीं. उन्होंने एक पिंक कलर की नाइटी पहन रखी थी. इस झीनी सी नाइटी में से उनकी चूचियां एकदम साफ़ झलक रही थीं. मैंने दीदी जान की चूचियां देख कर ही गर्म हो गया. मुझे मेरे लंड में कुछ कुछ होने लगा था. मैं दीदी की तरफ आया और उनको अपनी बांहों में खींच लिया.

दीदी हंस कर बोलीं- भाई जान ज़रा कंट्रोल करो, पहले खाना खा ले, अभी तो सिर्फ 2 ही बजे हैं. मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ. मैं यहीं हूँ.

ये बोलकर वो किचन में खाना लाने के लिए चली गईं. मैं भी उनके पीछे पीछे चला गया. मैंने दीदी के पीछे से जाकर उन्हें अपनी बांहों में कसकर पकड़ लिया.

वो बोलीं- भाई जान पहले खाना तो खाले .. फिर सब कर लेना.

मैंने उनकी चूचियां दबाते हुए कहा- पहले मुझे दूध पीना है.

दीदी जान बोलीं- वो सब तो अभी 7 महीने के बाद में मिलेगा.

मेरा मन पहले फातीमा दीदी की चुत चोदने का था, मगर वो मान ही नहीं रही थीं. मैंने मन मसोस कर दीदी की बात मानी और हम दोनों ने एक साथ खाना खाया. खाने के बाद मैंने दीदी की तरफ वासना से देखा तो दीदी जान बोलीं- बस दस मिनट और रुक जा, तू पहले चेंज तो कर ले. जा, अपने बेडरूम में जा, मैं वहीं आती हूँ. “Younger Sister Fuck”

मैं खुशी से दीदी जान को देखता हुआ अपने कमरे में चला गया. मुझे चेंज क्या करना था. मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और बेड पर नंगा बैठ गया. मैं दीदी जान के आने का इन्तजार करने लगा. तभी मुझे दीदी जान की पाजेब की आवाज़ सुनाई दी.

अगले ही पल दीदी जान मेरे कमरे में आ गई थीं. जैसे ही दीदी मेरे कमरे में दाखिल हुईं, मैंने उन्हें अपनी बाजुओं में दबोच लिया और किस करने लगा उनके मम्मों को दबाने लगा. दीदी जान भी मेरा साथ दे रही थीं. हम दोनों काफी दिनों बाद दिन में सेक्स कर रहे थे तो दीदी की चुत में भी काफी आग लगी हुई थी.

धीरे धीरे दीदी जान को चूमते हुए मैंने उनकी पिंक कलर की नाइटी उतार दी. मेरी दीदी मेरे सामने अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में ही रह गई थीं. मैंने तो पहले ही अपने सारे कपड़े निकाल दिए थे. दीदी जान ने मुझे धक्का दिया और बेड पर गिरा दिया. मैं अपने कमरे के दस इंच मोटे गद्दे पर गिर गया.

जब मैं गद्दे पर गिरा, तो दीदी जान ने बैठ कर मेरा लंड पकड़ लिया और अपने नाजुक हाथों से मेरा लंड सहलाने लगीं. एक मिनट से भी कम समय में दीदी मेरे लंड को अपनी मुँह की गर्मी से झार दी और लंड को चचोर चचोर कर उसे पूरा खाली कर दी मेरा लंड मुँह से बाहर निकाला तो लंड फिर से कुछ कुछ खड़ा होने लगा था. “Younger Sister Fuck”

ये उनके लगातार चूसते रहने के कारण हुआ था. अब दीदी की बारी थी. मैं उठ गया और उनकी ब्रा पैंटी भी निकाल दी. वो बोलीं- मेरे शोना को दूध पीना है .. आ जा , मैं तुझे अपना दूध पिला देती हूँ. ये बोलकर दीदी ने मेरा सर अपने मम्मों पर दबा दिया. मैं भीदीदी की तनी हुई चूचियों का मजा ले रहा था.

दीदी का एक दूध मुँह में भर कर चूस रहा था और दूसरा हाथ से दबाते हुए मसल रहा था. मेरी दीदी भी मादक सिसकारियां ले रही थीं. फिर उन्होंने मेरा एक हाथ पकड़ा और अपनी चुत की तरफ ले गईं. मुझे महसूस हुआ कि उनकी चुत एकदम रसीली हुई पड़ी थी.. मतलब वो गर्म हो चुकी थीं.

मैंने अब उन्हें बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी रसभरी चुत पर अपना मुँह रख दिया. मेरी जुबान ने दीदी की चुत का स्पर्श किया तो आह क्या नमकीन पानी मेरे मुँह में आ गया था उधर दीदी ने मेरी जीभ का टच अपनी चुत पर किया, तो वो और जोर जोर से तड़फने लगीं और गांड उठाते हुए मादक सिसकारियां भरने लगी थीं. “Younger Sister Fuck”

मैंने उनकी चुत के रस को काफी मस्ती से चाटा और उनकी चुत में आग लगा दी. दीदी से अब रुका ही नहीं जा रहा था. वो मुझे गाली बकने लगी थीं- अब आ भी जा मादरचोद … अपनी दीदी को चोद दे भैन के लौड़े … क्यों तड़फा रहा है हरामी.

ये सुनकर मैंने लंड उनकी चुत में पेल दिया. एकदम से लंड घुसा, तो दीदी जोर से चिल्ला पड़ीं- आह आराम से चोद सांड के जने … साले दीदी हूँ … तेरी कोई बाजारू रंडी नहीं हूँ. मैंने उनकी एक नहीं सुनी .. बस मैं जोर जोर से झटके मार रहा था.

दो चार झटकों में ही दीदी की चूत को लंड का मजा आने लगा. वो गांड उठाते हुए चुदाई का मजा लेने लगीं. कुछ ही देर की धकापेल चुदाईके बाद दीदी अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई थीं. वो तेज तेज सीत्कार भरते हुए झड़ गईं और उन्होंने मुझे कसके जकड़ लिया. मगर मेरा काम अभी बाकी था.

एक मिनट रुक कर उनकी चुत को पूरी तरह से झड़ जाने दिया और मैं बोला- दीदी अब आप घोड़ी बन जाओ, मुझे आपकी गांड मारनी है. दीदी बोलीं- नही तुम अभी मेरी चूत ही मार मैं कभी पीछे से नही की हूँ मैं फातीमा दीदी को गोद में उठाया और लंड को दीदी जान की चूत में डाल के अस्ते अस्ते चोद रहा था. “Younger Sister Fuck”

फातीमा दीदी भी अपने पैर को मेरे कमर में लपेट रखी थी और अऐस्ता अऐस्ता चुदाई का मज़ा ले रही थी दीदी जान चुदाई का आनंद लेने लगी और धीरे से मेरे होठ चुसने लगी करीब 20 मिनट चूत चोद्ने के बाद फातीमा दीदी और मैं साथ साथ झड़ने लगे.

मेरा वीर्य निकलने के बाद फातीमा दीदी जान को लिये हुए बिस्तर पर लेट गये पता नहीं कब हम दोनों की आँख लग गईं चूद्द्द्द्द जब मेरी आंख खुली, तो सामने दीवार पर लगी घड़ी पर मेरी नजर गई. मैंने देखा कि 8 बज गए हैं. अब मेरी छोटी बहन सानिया आने ही वाली होगी. मैंने दीदी को उठाया. दीदी उठ गईं और उन्होंने मुझे हग करके किस किया.

मैंने कहा- आठ बज गए हैं.

वो झट से उठीं और कपड़े पहनकर बाथरूम में चली गईं. मैं भी कपड़े पहन कर कमरे से बाहर आया, तो मेरे आंखें खुली की खुली रह गईं. मेरी छोटी बहन सानिया बहन सोफे पर बैठी थी. वो मेरी तरफ देखकर बोली- हो गई भाई जान नींद पूरी!

उसकी आवाज से मेरा तो अन्दर से गला सूख गया. तभी दीदी भी कमरे से बाहर आ गईं. तो उनकी भी बोलती बंद हो गई. वो बस छोटी बहन को देखती रह गईं. उन्होंने पूछा- तुम कब आई सना! छोटी बहन को सब प्यार से सना कहते थे

मेरे छोटी बहन सानिया इतरा कर बोली- जब आप भाई जान की बाँहों में बाहे डाल के झुला झूल रही थी और भाई जान आपको पीछे से पकड़ कर झुला झूला रहे थे.

अब दीदी और हम दोनों चुपचाप हो गए थे. हम दोनों को लगा कि हम गए. लेकिन तभी सानिया ने एक बम और फोड़ा- मेरे पास उस काम की रिकॉर्डिंग भी है और कुछ फोटो भी हैं. यदि आप दोनों चाहते हैं कि ये सब ये अम्मी और अब्बू के पास ना जाएं, तो आपको एक काम करना पड़ेगा. “Younger Sister Fuck”

दीदी ने घबरा कर मेरी बहन से कहा- क्या करना होगा?

वो बोली- भाई ने जो आपके साथ किया है, उन्हें बोलो कि वो मेरे साथ भी सब करें.

तब दीदी उस पर चिल्ला कर बोलीं- तुम कुवारी हो ई तुम्हारा बड़ा भाई हैं तुम छोटी बहन हो, तुम्हें शर्म आती है या नहीं!

सानिया छोटी बहन बोली- तो आप कौन सी दूध की धुली हैं. आपने भी तो अपने छोटे भाई के साथ सेक्स किया है न!

दीदी कुछ नहीं बोलीं, लेकिन इधर मेरे मन में लड्डू फूट रहे थे कि आज परिवार सेक्स में छोटी बहन भी चोदने को मिल जाएगी. दीदी ने मेरी ओर देखा और बोलीं- ,भाई जा और इसके मन के अरमान पूरे कर दे.और हा एक बात याद रखना इसके अंदर वीर्य मत निकाल देन्ना नही तो ये कुवारी हैं कही पेट से हो गई तो हम कही के नही रहेंगे.

इस पर मेरी सानियाबहन बोली- मैं ,भाई जान की वीर्य अपनी चूत में लुंगी या मुँह में यह मेरी मर्ज़ी होगी. मुझे अपने भाई के साथ चुदाई करने के बीच दीदी जान आप मत आना नही तो ये विडिओ जीजा के पास दुबई जाने में तनीको देरी नहीं होगी उसके बाद क्या होगा ओ आप अच्छी जानती हैं.

दीदी जान कसमसा कर बोलीं- ठीक है.

चूंकि दीदी के पास इसको मानने के अलावा दूसरा कुछ विकल्प ही नहीं था. फिर छोटी बहन सानिया मेरे हाथ पकड़ कर कमरे में अन्दर ले गई.मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था फातीमा दीदी भी हाकी बकी थी क्या कोई कुवारी लड़की अपने बड़े भाई के हाथ पकड़ के जबड़ दस्ती चुदाई के. “Younger Sister Fuck”

बाड़े में बीना शर्माए बोल रही थी मेरे हाथ पकड़े आगे बढ़ने लगी दीदी जान हम दोनों को देखते रह गई सानिया मुझे कमरे में ले जाते ही अंदर गईं और पीछे मुड़कर डोर लॉक किया और मुझे बेड पर ढकेल दिया. वो मेरी गोद में बैठकर मुझे किस करने लगी.

मेरा एक हाथ उसकी चूचियों को मसल रहा था और एक हाथ उसकी गांड पर घूम रहा था. थोड़ी देर बाद मैंने सानिया स्कूल ड्रेस में थी ऊपर हाफ और नीचे हाफ घाघरा पहनी थी मैं सानिया की शॉर्ट ऊपर कर दी और उसके मम्मों को दबाने लगा. अब मैं उसके मम्मों को बारी बारी से चूस रहा था.

तब वो बोली- भाई जान कैसे है मेरे बूब्स …दीदी जान से अच्छे हैं कि नहीं!

मैंने कहा- अभी पूरे देखने दो, तो पता चलेगा.

वो उठी, तो मैंने उसकी टी-शर्ट और स्कर्ट निकाल दी. वो केवल पैंटी में मेरे दोनों तरफ़ अपनी पैर फेक के बिलकुल मेरे लंड के ऊपर बैठ गई. मैंने देखा कि मेरी छोटी बहन सानिया के चूचे मस्त लग रहे थे. उसके चूचे दीदी से काफी छोटी और एकदम सुडौल थे.

वो जिम भी जाती थी, इसलिए उसके मम्मे एकदम मस्त थे. अभी मैंने अपनी छोटी बहन सानिया की बूब्स दबा ही रहा था कि सानिया मेरे लंड पर बैठि बैठी कमर हिलाने लगी करीब 5 मिनट में मेरा लंड पूरा फूल गया तभी सानिया मेरे लंड पर जोर देते हुए बोली भाई जान ये तो बहुत मोटा है. “Younger Sister Fuck”

मैंने कहा सानिया फातीमा दीदी भी यही कह रही थी अब देखो बीना पेअलवाए एक दिन नही रहती मैं कैसे भी फुसला के सिर्फ एक बार छोटी बहन सानिया की चूत में लंड डालना चाह रहा था सानिया भी रेडि थी लेकिन मेरा लंड देखकर थोड़ी डर रही थी.

मैं सानिया की पेंट से होते हुए जैसे ही उसकी कच्छी में हाथ डाला सानिया उहम्मी आह्ह्ह इह्ह्ह उम्म्मा करने लगी धीरे धीरे मैंने सानिया की चूत में एक उंगली डाली सानिया हुचुक गईं और मेरे लंड को अपनी दोनों हाथों से पकड़ ली और आगे पीछे करने लगी मैंने सानिया की नरम हाथ अपने लंड पर पहसुस करके छोटी बहन सानिया के हाथों मुठ मराई का माँजा लेने लगा.

तभी फातीमा दीदी गेट बजाने लगी और बोली भाई जान अम्मी आ रही है इतना सुनते ही सानिया मेरा लंड छोड़ के तुरंत अपनी शॉर्ट और स्कर्ट पहनी और बाहर निकल गईं मैं भी थोड़ी देर बाद बहार निकला सच में अम्मी जान आ रही थी अब बाकी की कहानी अगले भाग में लिखेंगे गुड बायें…….

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