दीदी अपनी चूत में मेरा वीर्य भरना चाहती थी 2

Bhai Behan Sex Story

Burka Girl Chudai

नमस्कार दोस्तों, मैं आपका दोस्त दीपक अपनी कहानी का अगला भाग लेकर फिर से आपके सामने हाज़िर हूँ, दोस्तों आपने मेरे मुस्लिम दोस्त की कहानी का पिछला भाग दीदी अपनी चूत में मेरा वीर्य भरना चाहती थी 1 पढ़ा था. पिछली कहानी में आपने पढ़ा कि फातिमा दीदी बच्चे के लिए मुझसे चुदवाने लगी. और मुझसे चुदवाने के बाद लंगड़ा कर चलने लगी. अब आगे – Burka Girl Chudai

दोस्तों फातिमा दीदी क्यों लंगड़ा रही वो मुझे और दीदी जान के सीवाए कोई नही जानती अम्मी और सानिया पूरा परेशान हो गई क्यू को इनको ऐसा लगा कही फातिमा दीदी के बच्चे को कुछ ना हो जाए लेकिन इनको क्या पता की दीदी जान को पहले ही एमसी आ गईं है अब अगले महीने ना मे आए उसके लिये तो दीदी जान लंगड़ा रही हैं.

तो दोस्तों मैंने मेडिकल स्टोर गया उधर मैंने दर्द की दवा लिया और एक पत्ता सेक्स एनर्जी वाला दवा लिया और घर आया. अभी मैं गेट पर आया ही तभी सानिया चिल्लाके बोली अम्मी जान रुको मैं भी आई भाई जान आ गाये हैं.

तभी थोड़ी देर में अम्मी आई और बोली बेटा मैं तेरे खाला के घर जा रही हूँ उनके पति का तबीयत खराब है तुम कही जाना मत जब तक मैं आऊँ नही और हा सानिया भी मेरे साथ जा रही हैं जैसा होगा मैं शाम को फोन करूँगी और हा फ़िर से बोल रही हूँ कही जाना मत.

मैं अम्मी को मजाक मजाक में बोल दीया की अम्मी जान आप चिंता मत करो मेरी भी दीदी जान है और कोई जान को छोड़ के कही क्यू जाएगा. अम्मी जान कुछ समझी नही लेकिन सानिया गुस्सा दिखाते हुए बोली अहहा फातिमा दीदी जान हैं और मैने कौन कचरें से आई हूँ मूझे भी थोड़ी सी प्यार कर लो कोई कम नही हो जायेगी.

मैंने भी सानिया को बोला तुम जान बनने लायक नही हुईं हो सानिया और हा जिस दिन हो जाओगी उस दिन तुम्हें भी बराबर मिलेगी. सानिया तो कुछ समझी नही लेकिन फातिमा दीदी सब समझ रही थी दीदी जान मेरे चेहरे को ऐसे घुर रही थी जैसे वो मुझे खा जायेगी.

इतने में सानिया की नज़र फातिमा दीदी के ऊपर पड़ी और सानिया झल्ला के बोली भाई जान सब प्यार उसी महारानी को दे देखो कैसे घुर रही हैं. इतना बोलते ही सानिया अम्मी की ओर दौड़ लगाई क्यू की अम्मी कुछ दूर चली गयी थी.

मैंने भी मेन गेट बंद कर के फातिमा दीदी के पास गया दीदी जान अभी भी गुस्से में थी. मैं दीदी जान के पास गया तब दीदी जान भड़क गई तू भाई क्या बोल रहा था सानिया को अभी प्यार लायक नही हुई है और क्या बोल रहा था जिस दिन हो गई उस दिन क्या करेगा.

मैं दीदी जान को सहला फुसला के मनाया की मैं मजाक मजाक में बोल दिया दीदी जान उठी और हलका लंगड़ा के चलने लगी और देखते ही देखते रुम में चली गई. मैं भी पीछे से रूम में गया और दीदी जान को पहले सेक्स पावर वाला एक टैब्लेट दीया और दीदी जान पानी के साथ ले ली.

फ़िर दर्द का टैब्लेट दीया दीदी जान खाने के बाद अम्मी की बेडरूम में सोने चली गयी. मैंने भी सारा गेट बंद कर दी और अम्मी वाले रूम में आया तभी फातिमा दीदी जान को जोस आने लगा मेरा लंड अभी भी शांत था लेकिन फातिमा दीदी धीरे धीरे अपनी बुरका उठाने लगी और अपनी नारा खोलने लगी.

मैंने मेडिकल स्टोर से जो दवा लिया था मैंने एक और खा लिया दीदी जान धीरे धीरे पूरे मूड में आ गईं अब मेरा भी दवा का असर हो गया था. मैंने दीदी जान को खड़ा किया और बुरका कमीज़ सलवार पैंटी ब्रा सब निकाल दिया.

दीदी जान धीरे धीरे अपनी चूत सहला रही थी मैं भी पूरा नंगा हुआ. फातिमा दीदी के साथ बेडरूम में अम्मी जान की पलंग पर जब सुरू हुईं चोद ने में लगा तो पलंग छू छा आइ आइये अल्हघ जितना दीदी जान चिल्लाती उतना ही अम्मी की पलंग चिल्लाता.

करीब करीब 30 मिनट चोद ने के बाद फातिमा दीदी झड़ने को हुई और मै भी साथ में झर गये. आज दोनों भाई बहन एक साथ झड़े करीब 15 मिनट लंड को दीदी जान के चूत में डाले रखा दीदी जान वैसे ही सो गइ.

लेकिन में पहले उठा और बाथरूम गया जब वापिस आया जब तक फातिमा दीदी खूब गहरी नींद में सो गइ थी. एक दम पीठ के बल लेटी थी चूत एकदम साफ़ दिख रहा था चूत से मेरा माल निकल रहा था मैंने दीदी जान की चूत को थोड़ा फैलाया और अपने वीर्य को साफ़ किया.

उसके बाद फातिमा दीदी की चूत को देख्नने लगा तभी दीदी जान की बात याद आया की चूत में दो छेद होती हैं मैंने फातिमा दीदी की चूत को अच्छे से देखा तब पता चला कि जहा चोदने का छेद होता है उसके थोड़ी सी दूर पर एक पतली सी छेद था जिसमे कभी भी कुछ घुसेगा नही सिर्फ औरत पेसाब कर सकतीं हैं. “Burka Girl Chudai”

मैंने फातिमा दीदी की चूत को भीतर तक फैला फैला के देखा मैन किया की दीदी जान सोई हुई है एक बार चूत चुस लू. लेकिन दीदी जान की शर्त याद आया और फ़िर से अपना लंड डाल दिया और दो तीन झटका मारा तभी फातिमा दीदी जाग गई और बोली भाई जान आपने अपनी शर्त नहीं भुले इसके लिए मैं बहुत खूस हूँ.

और दीदी जान उठी और मेरे कमर में पैर फँसा के गोद में चढ़ गई और उछल उछल के खूब मज़ा दी. और दोनों एक साथ झर गई आज दो दिन में दीदी जान करीब करीब 15 बार चुदी उसके बाद दीदी जान धीरे धीरे नोर्मल हुई अभी खाना बनाने गई है उसके बाद की कहानी अगले भाग में लिखूँगा.

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