मै, मम्मी और सर-3

Hindi Chudai Kahani

पिछला भाग पढ़े:- मै, मम्मी और सर-2

तो दोस्तों पिछले पार्ट में आपने पढ़ा अब मम्मी बिना किसी परवाह और टेंशन के सर से चुदने लगी थी। और साथ ही मम्मी के प्रति मेरा नजरिया भी बदलने लगा था। जब सर और मम्मी चुदाई करते, मैं अपने रूम में कंप्यूटर पर बैठ कर ब्लू फिल्म देखते हुए मुट्ठ मारता। मैंने देखा कि मम्मी आजकल और सुंदर लगने लग रही थी। जैसे उनकी उम्र बढ़ने के बजाय घट रही हो।

आजकल मम्मी मेरे से खुल कर बाते भी करने लगी थी। मम्मी डेली कैप्री, लोअर और टी-शर्ट में रहती थी, जिसमें से उनकी ब्रा पैंटी की शेप साफ दिखते थी। मम्मी को भी अहसास हो चुका था कि मेरी नजर उनके बूब्स और कुल्हों पर होती थी। पर कभी भी मम्मी ने मुझसे कुछ कहा नहीं।

एक दिन रात को खाना खाने के बाद कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था। मुझे पता नहीं था कि दरवाजा खुला हुआ था, और कब अचानक से मम्मी पीछे आ कर खड़ी हो गई। जैसे ही मैं पानी पीने के लिए उठा, तो देखा मम्मी पीछे खड़ी थी। उन्हें देखते ही मेरे तो पैरो से जमीन ही खिसक गई।

मैंने तुरंत स्विच ऑफ किया और वाशरूम चला गया। वापस आया तो मम्मी रूम में नहीं थी। परंतु थोड़ी देर बाद मम्मी वापस दूध का गिलास लेकर मेरे रूम में आ गई। मम्मी को देखते ही मैंने नजरे झुका ली।

मम्मी मेरे पास बैठ कर बोली: क्या हुआ बेटे?

मैं: सॉरी मम्मी, मुझे माफ कर दो।

मम्मी: कोई बात नहीं बेटा, मैं समझ सकती हूं। लेकिन ये सब तुम्हारी पढ़ाई और शरीर के लिए नुकसानदायक है।

मैं: सॉरी मम्मी, बट मैं क्या करूं। जब भी आप सर से चुदवाती हो, तो मुझे पता नहीं क्या होने लगता है।

अब आप ही बताओ मैं क्या करूं।

मम्मी: बेटा वो बात सही है, लेकिन तुम्हारे एग्जाम आने वाले है।

मैं: ठीक है मम्मी, मैं कोशिश करूंगा, और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दूंगा।

मम्मी: गुड बेटा, और हां, कल तेरा बर्थडे भी तो है। बता कल तुझे क्या चाहिए?

मैं: कुछ नहीं मम्मी, आप हो ना मेरे साथ, तो सब कुछ है।

मम्मी: अरे बोल ना क्या चाहिए?

मैं: नहीं मम्मी, रहने दो, क्या जो मुझे चाहिए वो दोगी।

मम्मी: हां-हां जरूर, बोल क्या चाहिए?

मैं: प्रोमिस करो, मना तो नहीं करोगी?

मम्मी: प्रॉमिस।

मैं: मम्मी, मैं आपकी और सर की चुदाई देखना चाहता हूं।

मम्मी: पागल हो गया क्या तू्? नहीं, ऐसा नहीं हो सकता।

मै: क्यों मम्मी, मैं पहले भी तो देख चुका हूं?

मम्मी: नहीं, वो जो भी हुआ गलती से हुआ। लेकिन दुबारा नहीं।

मैं (नाराज होकर): चलो कोई बात नहीं। आपको गिफ्ट नहीं देना है तो मत दो।

मम्मी: बेटा तू कुछ और लेले।

मै: रहने दो मम्मी, मुझे और कुछ नहीं चाहिए।

मम्मी कुछ देर सोचने के बाद-

मम्मी: चलो ठीक है। तुझे जो चाहिए मिल जाएगा। लेकिन उदास मत हो। जब तूने मेरी खुशी के लिए इतना कुछ करा है, तो क्या मैं इतना भी नहीं कर सकती? तू मुझे चुदते हुए देखना चाहता है ना, तो ठीक है देख लेना। लेकिन ये सब होगा कैसे? क्योंकि मैं नहीं चाहती कि सर को ये पता चले।

कुछ देर सोचने के बाद मैं मम्मी से बोला: मम्मी मेरे पास एक आईडिया है।

मम्मी: क्या आईडिया है?

मैं: मम्मी क्यों ना आपके बेडरूम में हिडन कैमरा लगा लिया जाए, ताकि किसी को कुछ पता नहीं चले।

मम्मी थोड़ी देर सोचते हुए।

मम्मी: हमम, ये सही रहेगा। चलो कल देखते है। और हां, अब तू प्रॉमिस कर कि ये ब्लू फिल्म नहीं देखेगा।

मै: ओके मम्मी, नहीं देखूंगा, प्रॉमिस।

फिर मैं और मम्मी एक-दूसरे को गुड नाईट बोलते है, और मम्मी अपने बेडरूम में सोने चली जाती है।

लेकिन मुझे तो नींद ही नहीं आती, क्योंकि मम्मी की लाइव चुदाई के ख्याल मन में आने लगते है, जिससे मेरा लंड खड़ा हो जाता है और मुट्ठ मारने लगता हूं। मुट्ठ मार कर मैं सो जाता हूं, क्योंकि कल कॉलेज भी जाना था।

अगले दिन मॉर्निंग में मम्मी मुझे जगाती है, और बर्थडे विश करती हैं। मैं मम्मी को थैंक्स बोल कर कॉलेज के लिए तैयार होने लग जाता हूं। मम्मी और मैं साथ नाश्ता करते है।

मै: मम्मी आपको अपना प्रॉमिस याद है ना?

मम्मी: हां-हां बेटा याद है।

और मैं कॉलेज के लिए निकल जाता हूं।

जैसे ही कॉलेज से आता हूं, तो मम्मी के बेडरूम में देखता हूं, तो कुछ नहीं दिखाई देता है, और गुस्से में अपने रूम मे आकर लेट जाता हूं।

मम्मी: लो बेटा, खाना खा लो।

मैं: मुझे नहीं खाना।

मम्मी: क्या बात हुई।

मै: मम्मी आपने अपना प्रॉमिस तोड़ा है।

मम्मी मुस्कराई और बोली: चल इधर आ, तुझे कुछ दिखाती हूं।

फिर मम्मी ने मेरा कम्प्यूटर ऑन किया, और लाइव वीडियो स्टार्ट किया। ‌लाइव वीडियो देख कर मैं तो अचंभित ही हो गया। स्क्रीन पर पांच कैमरों से मम्मी के बेडरूम का पूरा नजारा साफ दिख रहा था।

मै: थैंक्स मम्मी, लेकिन ये कैमरे तो मुझे दिखे ही नहीं।

मम्मी: बेटा दिखेंगे भी नहीं, मेरे बेडरूम में मैंने कुछ सीनरी लगी हुई है, उन्हीं में ये फिट करवाए है।

मै: ओह थैंक्स मम्मी, लेकिन मैकेनिक ने पूछा नहीं क्यो लगवा रहे हो?

मम्मी: पूछा था, तो मैंने बोल दिया बेटे पर नजर रख सकूं, कि वह रूम में पढ़ता है या नहीं।

मै: वाव मम्मी, आप बहुत स्मार्ट हो।

और मैंने मम्मी को गले लगा लिया। शाम को सर जैसे ही घर आए, मैंने दरवाजा बंद किया, और कंप्यूटर ऑन किया।‌ मम्मी का पूरा बेडरूम क्लियर दिख रहा था। लेकिन रूम में कोई नहीं था।

थोड़ी देर बाद देखा सर मम्मी को गोद में उठा कर बेडरूम में लाए, और बेड पर लिटा दिया। और उठ कर सभी लाइट बंद कर दी सिर्फ एक रेड लाइट को छोड़ कर।

जिससे मुझे ज्यादा साफ नहीं दिख रहा था। हां ये जरूर था कि अंदर क्या हो रहा था।

फिर सर मम्मी के ऊपर लेट गए, और दोनों एक-दूसरे के होंठो को चूसने लगे।  फिर सर ने मम्मी का गाऊन निकाल दिया, और खुद ने भी पैंट शर्ट खोल दी।

मम्मी ने ब्लू कलर की ब्रा-पैंटी पहन रखी थी, और रेड लाईट में मम्मी का बदन चमक रहा था।

फिर सर मम्मी को दुबारा चूमने लग गए, और पीछे से ब्रा के हुक खोल कर ब्रा को अलग कर दिया।

मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स ब्रा से आजाद हो गए।

वाव, क्या बूब्स थे। सर एक हाथ से मम्मी के बूब्स दबाने लगे, और दूसरे हाथ से मम्मी की पैंटी मैं डाल कर मम्मी की चूत मसलने लगे। मम्मी भी सर का पूरा साथ दे रही थी और दोनों हाथ कभी सर के सिर पर तो कभी पीठ पर फेर रही थी।

थोड़ी देर बाद दोनों ने एक-दूसरे की अंडरवियर निकाल दी, और नंगे हो गए। अब मम्मी सर के ऊपर आ गई और सर के शरीर की चूमते हुए धीरे-धीर नीचे को आई, और सर के काले लम्बे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी।

सहलाते-सहलाते लंड पर किस भी कर रही थी, और एक-दम से लंड को मुंह में ले लिया, और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। थोड़ी देर चूसने के बाद मम्मी खड़ी हुई तो मैंने देखा, लाल रोशनी में सर का काला लंबा लंड गीला होने के कारण चमक रहा था।

फिर सर ने मम्मी को नीचे लिटाया, और मम्मी की चूत चाटने लगे। 5 मिनट तक चूत चाटने के बाद सर ने मम्मी के पैर ऊपर उठाए, और बीच में आकर अपना लंड मम्मी की चूत पर रख कर जोर का झटका मारा, जिससे एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड मम्मी की चूत में घुस गया।

और फिर धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू कर दिया।

5 मिनट बाद सर ने अपने धक्कों की रफ्तार तेज कर दी, और मम्मी की चूत चोदने लगे। मम्मी भी नीचे से अपनी गांड उठा-उठा कर चुदने लगी। 15 मिनिट लगातार चोदने के बाद सर मम्मी के ऊपर ही लेट गए, और 5 मिनट तक लेटे-लेटे दोनों एक-दूसरे को चूमते रहे। फिर दोनों उठ कर अपने कपड़े पहनने लगे।

मैंने भी तुरंत कंप्यूटर बंद किया, और अंडरवीयर चेंज करके बेड पर सो गया (मम्मी की लाइव चुदाई के दौरान मेरा भी पानी निकल चुका था)। थोडी देर बाद मम्मी मेरा दरवाजा नोक करती है।

मम्मी: बेटा उठ जाओ, सर आ गए।

मैं उठा, और सर मुझे मैथ्स पढ़ा कर चले गए। जैसे ही सर गए, मैंने दौड़ कर मम्मी को गले लगा लिया और थैंक्स बोला। मम्मी भी मुस्कराती हुई बोली-

मम्मी: इसमें थैंक्स की क्या बात है? आज तेरा बर्थडे है, और तेरी खुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकती हूं।

मै: आई लव यू मम्मा।

मम्मी: आई लव यू टू बेटा। चल बता आज तेरा बर्थडे है, क्या खायेगा?

मै: मम्मी बाहर से ऑर्डर कर देता हूं।

मम्मी: ठीक है।

मैं और मम्मी खाना खाकर सो जाते है।

कहानी जारी रहेगी, प्लीज कमेंट्स जरूर करे या मुझे ईमेल करे (

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