मां की ममता चुदाई में बदल गई

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Mother And Son Sex Stories in Hindi
(मां की ममता चुदाई में बदल गई)

मां बेटा हिन्दी सेक्स कहानी पढ़े हैलो दोस्तो आपको आपकी नई दोस्त रूपाली का प्यार भरा नमस्कार कबूल करे मैंने बहुत सी कहानियां पढ़ी हुई है जिन्हें पढ़कर मेरे मन में आया क्यों ना मैं भी अपनी कहानी आप सब लोगों के सामने रखूं mother and son sex stories in hindi

पहले तो मैं डरती रही के अपनी कहानी आप लोगों तक कैसे पहुंचाऊं फिर मैंने अपनी कहानी टाइप करके PunjabiSexStory.Com के ही एडमिन को भेज दी सो आप कमेन्ट के जरिये बताना कैसी लगी सबसे पहले अपने बारे में बता दूं मेरा नाम रूपाली है मेरी उम्र 36 साल है और मैं अपने पति विनोद और 18 साल के बेटे अरुण के साथ वड़ोदरा की एक मशहूर सोसाईटी में रहती हूं

मैं एक हाउसवाइफ हूं और मेरे पति विनोद अरोड़ा 40 साल के है और वो एक टूरिस्ट विभाग में काम करते है जबके मेरा बेटा अरुण अभी 11वीं में पढ़ रहा है यह कहानी मेरे और मेरे बेटे के पहले सेक्स के बारे में है हुआ यूं के मेरा बेटा और मेरे पति बहुत ही फ्रेंडली स्वभाव के है

मतलब के वो बाप बेटा कम और दोस्त ज्यादा है सुबह काम और स्कूल जाने से पहले और आने के बाद दोनों मोरनिंग इवनिंग वॉक पे जाते है सच कहूं तो मेरे पति काफी दोस्ताना स्वभाव के मालिक है दोनों में काफी बनती है mother and son sex stories in hindi

अक्सर ही वो लड़कियो मोहल्ले की औरतो की बाते करते रहते है मेरे पति तो यहां तक सेक्स के मामले में खुले विचारो वाले है के अपनी ही कज़न सिस्टर के बारे में उसकी गांड चूची की बात करते रहते है

हमारे किचन और बेटे के स्टडी रूम में एक दीवार का फासला है एक दिन पति ने नोट किया के मेरा बेटा किचन में खाना बनाते वक़्त मेरी गांड को निहार रहा है जब उसने पूछा के अरुण क्या देख रहे हो तो वो डर गया और रोने लग गया और उनसे माफी मांगने लगा

विनोद ने उसे कुछ नही कहा और मुझे अलग कमरे में लिजाकर बताया के मैंने कई दिनों से नोट किया है के जब तुम कोई काम करती हुई झुकती हो तो ये तुम्हारी चूचियां गांड देखकर अपनी आंखे गर्म करता है mother and son sex stories in hindi

विनोद की बात सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आया और जैसे ही मैं बेटे को डांटने उसके कमरे में आने लगी तो विनोद ने मुझे ये कहते हुए समझाकर शांत करवाया के बच्चा है जवानी की दहलीज़ पे नया नया उतरा है अक्सर ही बच्चों से गलती हो जाती है तुम उसे कुछ ना कहना मैं उसे खुद समझाऊंगा

अगले दिन से जब दोनों बाहर सुबह की सैर पे गए वापिस आये तो विनोद ने बताया के रूपाली अरुण का तुम्हारे प्रति नज़रिया बदल गया है वो तुम में मां कम और अपनी पत्नी ज्यादा देखता है अब क्या करे? मां होने के नाते मेरा एक दिल तो करे के इसकी जमकर पिटाई करूं लेकिन पति के रोकने पे रुक गई

थोड़े दिन बाद सब सामान्य हो गया एक दिन हम स्कूल की छुट्टियों में शिमला घूमने गए वहां करीब एक हफ्ता होटल में रहे वहां भी मैंने नोट किया के अरुण का ध्यान वहां पे रुकी लड़कियों की चूची और गांड पे ही है mother and son sex stories in hindi

मेरी इस तरह से देखने से विनोद भी मुझे देखकर हंस दिया और बोला अब बोलो यह आपके साथ ही नही बल्कि हर उस लड़की के साथ सम्भोग के सपने संजोता है जो इसके मन को भाती है थोड़े दिन बाद हम घर आ गए अब तो बाप बेटे में इतना खुलापन आ गया था के वो डायरेक्ट ही चूत लण्ड की बाते करने लगे थे

मैंने विनोद को भी डांट दिया के तुम ही इसे सिरे चढ़ा रहे हो कल को कोई बात हो गई ना मुझे दोष मत देना इसपे विनोद ने कहा डिअर पतनी साहिबा बेटा बड़ा हो रहा है उसको सही गलत की पहचान नही है मैं उसे पिता होने के नाते एक दोस्त बनकर उसके दिल में जो भी है बाहर निकाल रहा हूं

क्योंके यदि मैं एक पिता बनके ये सब उस से पूछूंगा तो शायद ही कभी मेरी किसी बात का जवाब वो देगा जबके एक दोस्त बनकर मैं उसकी हर एक अच्छी बुरी बात जान गया हूं एक दिन सफाई के दौरान उन दोनों की बातचीत मैं एक पेपर पे लिखी देखकर हैरान रह गई जिसमे उसके पिता कुछ जवाब पूछ रहे थे mother and son sex stories in hindi

विनोद – अरुण क्या तुम्हे तुम्हारी मां अच्छी लगती है?
अरुण – हां बहुत ज्यादा
विनोद – मां के शरीर का कोनसा पार्ट अच्छा लगता है?
अरुण – मां की बड़ी गांड और चूचियां
विनोद – अकेले में मां के साथ रहना चाहोगे?
अरुण – हां मैं एक पति बनकर उसकी केअर करना चाहता हूं

विनोद – यदि मां तुमसे सम्बन्ध ना बनाये तो?
अरुण – तो भी मैं अपनी मां को ही चोदना चाहूंगा प्यार से ना तो जबरदस्ती ही सही
विनोद – मां यदि बुरा मान गई तो?
अरुण – मुझे कोई फर्क नही पड़ता मुझे तो बस अपना गरम लावा उसकी चूत में भरना है बस

ऐसी बाते पढ़कर मेरे तन बदन में गुस्से से आग लग गई सोचा आने दो इन दोनों को आज ही क्लास लगाती हूं शाम को जब दोनों खाने की टेबल पे इक्कठे हुए तो मैंने उन दोनों को डांट दिया और उनसे आगे से ऐसी कोई भी शिकायत ना आने का वादा लिया वो दोनों आपस में कुछ भी करते लेकिन मेरे सामने शो नही करते mother and son sex stories in hindi

फिर एक दिन विनोद ने बोला रूपाली हमारे बेटे की शादी तो अब इस छोटी उम्र में नही कर सकते लेकिन इसमें सेक्स का तूफान उमड़ रहा है हम दोनों मिलकर इसको समझाते है ऐसा करो आज से इसे अलग नही सुलाना बल्कि हमारे कमरे में ही हमारे बिस्तर पे सुलाना

मैं – भला वो क्यों?
विनोद – क्योंके इसके मां बाप होने के नाते इसके अच्छे बुरे का हमने ही सोचना है कही यह जवानी के जोश में कोई ऐसी गलती ना करदे के हमारा सोसाइटी में नाम बदनाम हो जाये
मैं – ठीक है

विनोद – ऐसा करो तुम लड़कियों वाली बाते इसे समझाओ और मैं लड़को वाली समझाता हूं
उस रात वो हमारे बीच सो गया उसे समझ नही आ रहा था के आज साथ में क्यों सुलाया है mother and son sex stories in hindi

रात को उठकर वो अपने कमरे में चला गया जब हमे जाग आई तो उसे पास ना पाकर चिंतित हुए विनोद उसके कमरे में देखने गए तो वो आंखे बन्द करके लंड हाथ में लिए मेरा नाम लेकर मुठ मार रहा था उसे देखकर विनोद चुप चाप वापिस आ गए और इशारे से मुझे बुलाकर माज़रा देखने को कहा जब मैंने वो सीन देखा तो हक्की बक्की रह गई

वो आंखे बन्द करके आई लव यु रूपाली आ जाओ प्लीज़ मेरी प्यास बुझा दो मेरा लंड अपनी चूत में ले लो जैसी कामुक बाते कर रहा था जब उसका काम हुआ तो ढेर सारा माल फर्श पे गिरा इतना माल तो कभी मेरे पति का भी नही निकला होगा करीब 5 इंच लम्बा लंड जो अब भी फुंकारे मार रहा था मेरी हालत उसे देखकर पतली हो रही थी

कहते है न जब काम का असर दिमाग में हो तब अच्छा बुरा कोई रिश्ता नाता नज़र नही आता वही हाल अब मेरा हो गया था सरल भाषा में कहूं तो अब मेरा भी दिल उसके लंड को लेने के लिए मचल रहा था गई तो मैं उसपे गुस्सा होने गई थी और वहां उसपे जाकर फिदा ही हो गई mother and son sex stories in hindi

मुझे कुछ समझ नही आ रहा था के क्या करूं अब? एक तरफ मां की ममता और दूसरी तरफ काम के अवेश में उसका तना हुआ लंड ही दिखाई दे रहा था आज पता नही क्यों मां की ममता पे काम उतेज़ना हावी हो रही थी मैने बहुत कण्ट्रोल किया खुद को भी समझाया परन्तु ना जाने क्यों मेरा ध्यान बेटे के लंड पे जाकर रुक जाता

इसी वजह से मैं टेंशन में रहने लगी विनोद ने भी बहुत बार जानना चाहा लेकिन उन्हें कैसे कहती के अब आपके लंड की नही बल्कि बेटे के लंड की भूख है जब कभी भी हम सेक्स करते तो पहले जैसा मज़ा ना आता हर बार मेरा मन अरुण के लंड को ही मांगता आखिर एक दिन ऐसा भी आ गया जब हम दोनों मां बेटा घर पे रह गए

जबके मेरे पति अपने किसी काम के लिए 2 दिन तक कही गए हुए थे मैंने सोचा चलो अच्छा मौका है क्यों ना मज़ा लिया जाए स्कूल में छुट्टी थी तो सुबह अरुण बाथरूम में नहा रहा था उसने आवाज़ लगाई के मां यहां नहाने की साबुन नही है mother and son sex stories in hindi

मैंने उसे साबुन देने जैसे ही बाथरूम का जरा सा दरवाज़ा खोला तो उसने साबुन लेने के लिए मेरा हाथ थामा तो वो हम दोनों फिसल कर गिर पड़े शावर चलता होने के कारण मेरे कपड़े भी भीग गए और मेरा बदन साफ दिखने लगा भला अंधा क्या चाहे 2 आंखे वाली बात हो गई थी

कुछ पल के लिए अरुण की नज़र मेरे भीगे दिख रहे उरोज़ों पे जाकर रुक गई थी जबकि मैं शर्म से मरे जा रही थी उस वक़्त अरुण मेरे ऊपर और मैं उसके नीचे गिरी थी उसने मेरे बदन को हाथ लगाने के बहाने से पूछा मां आपको कही चोट तो नही लगी

एक तो भीगा बदन ऊपर से उसका कामुक स्पर्श पाकर मेरी तो हालत बिगड़ गई सच पूछो तो मैं बहक गई थी काम में इतना अंधी हो गई के बेटे को भी हवस की नज़र से देख रही थी दिल की धड़कन बहुत तेज़ हो रही थी आवाज़ भी थरथरा रही थी होंठ सूख चुके थे अब बात थी के हम में से पहल कौन करे? mother and son sex stories in hindi

मन में यह भी आया के रूपाली यदि आज पीछे हट गई तो फिर ऐसा हसीन मौका नही मिलेगा दिल को कठोर करके मैंने वही पे अपने कपड़े एक एक करके उतारने शुरू कर दिए मुझे ऐसा करते देखकर अरुण बोला यह क्या कर रही हो मां?

मैं मेरे कपड़े भीग गए है तो सोचा क्यों ना मैं भी नहा ही लू वैसे भी तू मेरा अपना बेटा ही तो है अब तुमसे क्या शर्माना? बचपन में भी तू रोजाना मेरा स्तनपान करता था वो बात अलग है के आज तू बड़ा हो गया है जबकि मेरा शरीर वैसे का वैसा ही पड़ा है

अपनी मां का नग्न शरीर देखकर अरुण की आंखे खुली की खुली रह गई उसका 5 इंची लौड़ा तन चूका था वो आने बहाने मुझको छूने की कोशिश कर रहा था मैंने भी सोचा चलो बच्चे को खुश कर देती हूं इसमें हम दोनों की ही तो खुशी है मैंने बहाने से साबुन अरुण को पकडाते हुए कहा के अरुण मेरी पीठ पे जरा साबुन लगा दो वहां मेरा हाथ नही पहुंच रहा mother and son sex stories in hindi

अरुण ने जल्दी से साबुन पकड़ा और पीठ पे लगाने लगा एक ऊपर से चलता छावर दूजा अरुण के हाथ का स्पर्श तन मन में काम ज्वाला जग रही थी मैंने उसकी तरफ घुमकर मुंह कर लिया और कहा अब आगे भी लगा दो वो मेरी तरफ ऐसे देख रहा था मानो मैं कोई मज़ाक कर रही थी

मैंने उस से साबुन पकड़ी और उसके पेट से होते उसके लंड पे लगाने लगी आज पहली बार उसका लंड मेरी मुठी में था तो उसे धोने के बहाने मैं हिला रही थी जिस से मज़े के कारण उसकी सांसे उखड़ रही थी और वो भी मुझे बांहो में भरके कभी मेरे मम्मे तो कभी होंठो को चूम रहा था और आई लव यु रूपाली डार्लिग बोल रहा था

उसका आज ऐसा बोलना मुझे जरा सा भी अजीब नही लग रहा था शायद आप समझ ही चुके होंगे के क्यों मुझे अच्छा लग रहा था मैं भी सेम टू यू अरुण बोलकर उसकी बात का जवाब दे रही थी जब उसके लंड से साबुन धुल गई तो मैं नीचे बैठकर उसके लंड को निहारने लगी और उसके लंड की चमड़ी ऊपर नीचे करने लगी mother and son sex stories in hindi

मुझे पता था के उसने पहले कभी सेक्स नही किया लेकिन मुठ मारकर उसने अपने लंड की चमड़ी ढीली जरूर करली थी जिस से यह तो पता लग गया था के इस से इसको कोई तकलीफ़ नही होगी और सोचते सोचते मुझे पता ही नही चला कब मैंने उसको अपने मुंह में ले लिया और अपना सर आगे पिछे करके उसको चूसने लगी

मेरी इस प्रतिकिर्या से मानो अरुण को गड़ा हुआ खज़ाना मिल गया हो उसके चेहरे पे जैसे बहार आ गई थी वो भी मज़े लेकर मेरा मुख पकड़कर अपना लंड पेल रहा था वो बड़ा बेरहम व्यवहार कर रहा था मानो मुझ से कोई बदला ले रहा हो के इतने दिन से मुझे प्यासा क्यों रखा पहले क्यों नही आई

वो जोर जोर से झटके लगा रहा था जिस से मुझे सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी बीच बीच में खांसी भी आ रही थी मुंह में लंड होने के कारण मुझसे बोला तो नही जा रहा था लेकिन मैं इशारे से उसे रुकने को बोल रही थी mother and son sex stories in hindi

लेकिन वो काम में अंधा हुआ पेलने में इतना मगन हो गया था के उसे मेरे किसी इशारे का पता नही चला और वो अपनी स्पीड से अपना काम करता रहा आखिर उसने अपना पूरा वीर्य मेरे गले में उतार दिया और जोर से मुंह बन्द कर दिया एक पल के लिए मानो मैं बेहोश होने लगी थी मैंने धक्का देकर उसको पीछे गिराया और जोर जोर से खांसने लग गई उसने मुझे उस हालत देखा तो उसके तोते उड़ गए

अरुण – मुझे माफ करदो मां मैंने जानबूझकर ऐसा नही किया बस पता नही ऐसे कैसे हो गया

काफी समय बाद मेरी सांसे कण्ट्रोल में आई मुझे उस पर बहुत गुस्सा आ रहा था लेकिन अभी सेक्स करना बाकी था इस लिए उसे डांट भी नही सकती थी इस लिए उसे झूठी सी स्माईल देकर कहा आज तो अपनी मां को मार ही डालते तुम

इतना वहशिपन भी ठीक नही है अरुण ने एक बार फिर माफी मांगी मुझे लगा अब शायद ही अरुण सेक्स के लिए मानेगा तो मैंने भी उदास सा चेहरा बनाते हुए कहा एक शर्त पे माफी मिल सकती है? mother and son sex stories in hindi

अरुण – वो क्या मां?
मैं – यदि बिस्तर पे मेरे साथ आज सेक्स करेगा तो मैं माफ कर सकती हूं

मेरी बात सुनकर अरुण का मुंह खुले का खुला ही रह गया उसे यकीन ही नही आ रहा था के इतना कुछ हो जाने के बाद भी मां ऐसा कुछ बोलेगी उसने बिन समय गंवाए हां बोलदी हम दोनों नंगे ही शावर बन्द करके बैडरूम की तरफ चल दिए

उसने मुझे बाँहो में उठाया हुआ था और जैसे फिल्मो में हीरो हेरोइन की आंखों में आंखे डाले उसको ही देखते चलता रहता है ऐसे ही चल रहे थे बैडरूम में जाकर उसने मुझे बैड पे पटक दिया और खुद भी मुझ पे चढ़ गया

अब फिर शुरू होने लगा कामवासना का खेल उसने माथे से लेकर नीचे पैर की ऊंगली तक एक एक अंग को चाट दिया मेरी चूत अब भी आग उगल रही थी थोडा चूत को चाटकर बोला आह्ह्ह ऐसा स्वाद ज़िन्दगी में कभी नही चखा पापा की तो रोज़ाना चांदी होती होगी mother and son sex stories in hindi

उसके जीभ का स्पर्श मात्र से ही मैं बहकने लगी और उसको चूत में लंड डालने का आग्रह करने लगी उसने मेरी व्याकुलता को समझते हुए अपना गर्म रॉड जैसा दहकता लंड मेरी चूत के मुंह पे रखकर हल्का सा झटका दिया जिस से मेरी आह्ह्ह्ह निकल गई

उसके अगले झटके से पूरा लंड मेरी चूत में समा चूका था अब वो पागलपन पे उत्तर आया था क्योंके एक तो उसका पहला सेक्स था दूजा उसको इतनी जानकारी भी नही थी सो उसका मन जैसे बोलता वो वैसे ही करता रहा करीब 10 मिनट की इस खेल में वो और मैं एक साथ रस्खलित हुए और वो मेरे ऊपर गिरकर हांफ रहा था mother and son sex stories in hindi

सच मानो तो मुझे भी बेटे का पहला सेक्स बहुत अच्छा लगा हम दोनों काफी समय तक ऐसे ही लेटे रहे फिर हम दोनो उठकर दुबारा नहाये और इस तरह से मैंने अपने बेटे के लंड का स्वाद चखा

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