दोस्त की वाइफ को पूरी रात चोदा

Bhabhi Ki Chudai

नाम अमन है। मैं बिहार से हूं। मैं जब नागपुर में रह के काम आता था, उस टाइम कम्पनी में काम करने वाले एक लड़का मेरा दोस्त बन गया था। उसका रूम और मेरा रूम कम्पनी ने एक साथ दिया था। यह कहानी उसकी वाइफ की चुदाई की है, वह भी उसके सामने की कुछ दिन पहले।

उसे एक बाइक लेनी थी, तो उसने मुझसे 20 हजार रुपए लिए थे। मैंने सोचा 1-2 महीने में दे देगा। लेकिन जब 5 महीने से ज़्यादा हो गया तो मैंने उससे पैसे मांगे। उसने कहा अभी नहीं है बाद में दूंगा।  अब डेली उससे मैं पैसे मांगने लगा तो एक दिन उसने बोला-

वो: तू जो काम इतवारी में जाके करता है, वह काम तू मेरी वाइफ के साथ कर ले।

इतवारी रेड लाइट एरिया है। मैं सोच में पड़ गया। फिर मैंने उससे बोला तो वह फिर से वहीं बोला। मैं तो अंदर से खुश हो गया।‌ क्योंकि उसकी वाइफ गजब की मॉल है, पूरी दीपिका पादुकोण जैसी,‌ और सावला रंग था। तो मैंने हा बोल दी।

मैंने बोला: आज रात में आऊंगा। वैसे भी मैं उसके नाम बहुत लंड हिलाया हूं।

फिर क्या, मैं अब रात होने का इंतजार कर रहा था। एक मूवी देखी, तब तक 7 बज गये थे। तभी उसका फोन आया। मैंने फोन उठाया तो उसकी वाइफ की आवाज़ आयी।

वो बोली: कैसे आज तैयार होना है?

मैंने बोल दिया: रेड लिपस्टिक लगा लेना, बाल खुले रखना, और सलवार सूट पहन लेना।

फिर वह बोली: और कुछ?

मैंने बोला: बाकी अपने आप देख लो।

तो वह बोली: 1 घंटे में रूम में आ जाना।

मैंने ठीक है बोल दिया, और एक घंटा बीत गया। फिर मैं उसके रूम में गया, तो वहीं मेरे दोस्त‌ ने रूम का गेट खोला और बोला-

दोस्त: आओ अंदर।

मैं अंदर गया, और बेड पे जाके बैठ गया। तभी उसकी वाइफ आ गई रूम में। वह किचन में खाना बना रही थी। आज गज़ब की मॉल दिख रही थी। मेरा लंड खड़ा होने लगा, तो साफ-साफ लोअर से दिख रहा था। वह बेड पे आई और लंड पे ऊपर से हाथ रख के बोली-

भाभी: इसे बोल आज पूरी रात इसे अपनी चूत में रखूंगी।

सामने उसका पति था। वह मुस्कुराने लगा तो मैंने उसके हाथ को हटाया और उसे पटक के उसके होंठ चूसने लगा। वह तेज़ सास लेने लगी। मैं उसके होंठ चूसते-चूसते उसके बूब्स दबाने लगा।

अब उसका पति बोला: पहले खाना खा लो, फिर पूरी रात चोदना।

मैंने बोला: तू जा के खाले बहनचोद, पहले इसके जिस्म को खाऊंगा, फिर खाना खाऊंगा।

फिर लगातार उसके होंठो को 10 मिनट तक चूसने के बाद मैं उससे बोला-

मैं: अब सलवार उतार दो।

तो वह बोली: खुद ही उतार लो।

मैंने उसकी सलवार को निकाल दिया। अब वह मेरे सामने ब्लैक ब्रा में थी। मुझसे रहा नहीं गया। मैंने इतनी जोर से उसकी ब्रा के ऊपर से उसके बूब्स दबाए, कि वह चीख पड़ी और बोली-

भाभी: आराम से।

मैंने गाली देते हुए कहा: अबे रंडी, आराम से कौन रंडी के साथ करता है?

वह बोली: मैं रंडी नहीं हूं।

तो मैंने एक चांटा मारते हुए बोला: क्या है तू? तुझे चोदने के लिया पैसे दिए है मैंने।

वह कुछ नहीं बोली, और आपने पति को देखने लगी।

तभी उसका पति बोला: अभी बस बूब्स में इतना दर्द है। फिर चोदेगा तो कैसे सहोगी पूरी रात? तुझे रंडी के जैसे चोदेगा यह।

फिर मैं उसके बूब्स दबाने लगा। कभी-कभी उसके बूब्स काट भी देता ब्रा के ऊपर से ही। कभी उसके होंठ काट देता, कभी उसका गाल। फिर मैं अब उसके नीच की चढ्ढी को निकाल दिया। उसकी चूत में उंगली करने से वह अजीब-अजीब आवाज़ें निकाल रही थी।

मैंने उससे बोला: अब चल लंड चूस।

वह माना करने लगी।

तभी उसका पति आया और एक चांटा मार के बोला: चूस ना रंडी।

वह ना चाहते हुए भी मेरे लंड कौ मुंह में लेके चूसने लगी। एक दम मस्त लंड चूस रही थी‌। 10 मिनट तक चूसने के बाद मैंने अपना पूरा लंड उसके पूरे मुंह में डाल दिया। वह तड़पने लगी। तभी मेरे लंड का पानी निकल गया। वह साफ की लंड।

अब मैंने बोला: जा खाना ले के आ।

वह गई और खाना लेके आई। हम सब ने साथ में खाना खाया। फिर कुछ देर आराम करने के बाद फिर से उसके होंठ चूसने लगा। वह अब अच्छे से साथ दे रही थी।

अभी तक मैंने उसकी ब्रा निकाली नहीं थी। अब मैंने उसकी ब्रा को निकाल के फेंक दिया। साली के बूब्स भी मस्त थे। अब मैं उसके बूब्स‌ काटने लगा। वह चिल्लाने लगी। मैंने उसके मुंह में कपड़ा डाल दिया, और फिर काटने लगा।

करीब 6-7 मिनट तक काटने के बाद मैंने उसके मुंह से कपड़ा निकाल दिया। वह फिर भी चिल्ला रही थी। मैं किसी भी लड़की को चीखते-चिल्लाते देखना चाहता हूं। उसके पूरे बूब्स पे काटने के निशान लग गये थे। वह गाली भी दे रही थी, लेकिन मैंने उसके पेट पे अभी तक काटा नहीं था। तो मैंने फिरसे उसके मुंह में कपड़ा डाल दिया, और लगा उसके पेट डोरी पे काटने।

वह अपना शरीर हिला लगी। उसके पेट पे 5 मिनट तक काटने और चूसने के बाद अब बारी थी उसकी चुदाई की। उसके मुंह से कपड़ा निकल दिया था मैंने, और उसको उठा के बाथरूम में लेके चला गया। फिर शावर आन कर दिया। उसके शरीर पे जब पानी गिरा, तो वह और भी हॉट लगने लगी। फिर मैं उसे उठा के वैसे ही बेड लेके गया।

मैं लगा उसकी चूत को चोदने। वह चिल्लाती रही। पूरी रात मैंने उसको इतना चोदा कि उसकी पूरी बाडी पे काटने के निशान और उसकी चूत में मेरे लंड का पानी था। वह सही से चल भी नहीं पा रही थी। मैंने फिर उसे छोड़ दिया।

भाभी बोली: अब मैं आपकी ही हूं।‌ जब मन करे तब चोद लेना। लेकिन अभी छोड़ दो।

मैंने भाभी के होंठों को चूसा। फिर बूब्स दबाने के बाद आपने रूम में गया। अब मन कर रहा था इसको ऐसे ही चोदता रहूं। फिर बाद में अफसोस हुआ कि भाभी को जालिमों के जैसे क्यों चोद दिया, और काट भी दिया था। यही सोचते-सोचते मैं सो गया। जब उठा तो गेट पे भाभी का आवाज आयी कि-

भाभी: चलो खाना खा लो।

मैं उठा, गेट खोला, और लगा भाभी को किस करने।

वह बोली: पूरी रात में मन नहीं भरा तुम्हारा?

मैंने बोला: तुम मॉल ही ऐसी हो, किसी का मन नहीं भरेगा।

वह भी साथ देने लगी और कहने लगी: इस बार काटना मत, बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने बोल दिया: इस बार आराम से करूंगा, और काटूंगा भी नहीं।

वह फिर मान गई। अब क्या था, वह बोली: चोदो फिर मुझे, अपनी बांहों में भर के प्यार करो। अपनी ही वाइफ समझो‌।

मैं भी प्यार से भाभी के होंठ चूसने लगा, और बूब्स दबाने लगा। वह गर्म होने लगी और तेज सांस लेने लगी, जैसे रात में कर रही थी

अब मैंने भाभी को कैसे चोदा, यह कहानी बताऊंगा अगले एपिसोड में। तब तक के लिया आप अपना खयाल रखिएगा। जल्दी मिलते है

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